Zihal-E-Miskin Lyrics in Hindi – ‘Zihal-E-Miskin’ is a Hindi love song from movie ‘Ghulami’ starring Mithun Chakraborty. This song is wrongly written by many people as ‘Zihale Masti’ Lyrics. This song is sung by Lata Mangeshkar and Shabbir Kumar. Lyrics of Zihal-E-Miskin song are written by Gulzar. Music is given by Laxmikant Pyarelal and music label is Gaane Sune Ansune.


Song – Zihal-E-Miskin
Movie – Ghulami
Singer – Lata Mangeshkar & Shabbir Kumar
Lyrics – Gulzar
Music – Laxmikant Pyarelal
Label – Gaane Sune Ansune


Zihal-E-Miskin Lyrics in Hindi

जिहाल-ए-मस्कीं मकुन-ब-रन्जिश
बहाल-ए-हिजरा बेचारा दिल है
जिहाल-ए-मस्कीं मकुन-ब-रन्जिश
बहाल-ए-हिजरा बेचारा दिल है

सुनाई देती है जिसकी धड़कन
तुम्हारा दिल या हमारा दिल है
सुनाई देती है जिसकी धड़कन
तुम्हारा दिल या हमारा दिल है

वो आके पहलू में ऐसे बैठे
वो आके पहलू में ऐसे बैठे
के शाम रंगीन, हो गई है
के शाम रंगीन हो गई है
के शाम रंगीन हो गई है

ज़रा ज़रा सी खिली तबीयत
ज़रा सी ग़मगीन हो गई है
ज़रा ज़रा सी खिली तबीयत
ज़रा सी ग़मगीन हो गई है

जिहाल-ए-मस्कीं मकुन-ब-रन्जिश
बहाल-ए-हिजरा बेचारा दिल है
सुनाई देती है जिसकी धड़कन
तुम्हारा दिल या हमारा दिल है

(संगीत)

कभी कभी शाम ऐसे ढलती है
के जैसे घूँघट उतर रहा है, उतर रहा है
कभी कभी शाम ऐसे ढलती है
के जैसे घूँघट उतर रहा है

तुम्हारे सीने से उठता धुआँ
हमारे दिल से गुज़ार रहा है
तुम्हारे सीने से उठता धुआँ
हमारे दिल से गुज़ार रहा है

जिहाल-ए-मस्कीं मकुन-ब-रन्जिश
बहाल-ए-हिजरा बेचारा दिल है
सुनाई देती है जिसकी धड़कन
तुम्हारा दिल या हमारा दिल है

(संगीत)

ये शर्म है या हया है, क्या है
नजर उठाते ही झुक गयी है
नजर उठाते ही झुक गयी है

तुम्हारी पलकों से गिरके शबनम
हमारी आँखों में रुक गयी है
तुम्हारी पलकों से गिरके शबनम
हमारी आँखों में रुक गयी है

जिहाल-ए-मस्कीं मकुन-ब-रन्जिश
बहाल-ए-हिजरा बेचारा दिल है
सुनाई देती है जिसकी धड़कन
तुम्हारा दिल या हमारा दिल है
सुनाई देती है जिसकी धड़कन
तुम्हारा दिल या हमारा दिल है


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