सावन की रुत है आजा माँ / Sawan Ki Rut Hai Aaja Maa – Sonu Nigam

Sawan Ki Rut Hai Aaja Maa Lyrics in Hindi – ‘Sawan Ki Rut Hai’ is a Devi Bhajan from album ‘Meri Maa’ sung by Sonu Nigam. Devi bhajan are listen by everyone during Navratri festival. Lyrics of Sawan Ki Rut Hai Aaja Maa bhajan are written by Naks Layalpuri, Ravi Chopra. Music is given by Amar Haldipur and label is T-Series.

Bhajan – Sawan Ki Rut Hai
Album – Meri Maa
Singer – Sonu Nigam
Lyrics – Naks Rayalpuri, Ravi Chopra
Music – Amar Haldipur
Label – T-Series

Sawan Ki Rut Hai Aaja Maa Lyrics in Hindi

सावन की रुत है आजा माँ
हम झूला तुझे झुलायेंगे
फूलो से सजायेंगे तुझको
मेहँदी हाथो में लगाएंगे
फूलो से सजायेंगे तुझको
मेहँदी हाथो में लगाएंगे

सावन की रुत है आजा माँ
हम झूला तुझे झुलायेंगे
फूलो से सजायेंगे तुझको
मेहँदी हाथो में लगाएंगे
फूलो से सजायेंगे तुझको
मेहँदी हाथो में लगाएंगे

सावन की रुत है आजा माँ
हम झूला तुझे झुलायेंगे
फूलो से सजायेंगे तुझको
मेहँदी हाथो में लगाएंगे

(संगीत)

कोई भेट करेगा चुनरी
कोई पहनायेगा चूड़ी
माथे पे लगाएगा माँ
कोई भक्त तिलक सिंदूरी

कोई भेट करेगा चुनरी
कोई पहनायेगा चूड़ी
माथे पे लगाएगा माँ
कोई भक्त तिलक सिंदूरी

कोई लिए खड़ा है पायल
लाया है कोई कंगना
जिन राहो से आएंगे
माँ तू भक्तो के अंगना
हम पलके वहाँ बिछाएंगे

सावन की रुत है आजा माँ
हम झूला तुझे झुलायेंगे
फूलो से सजायेंगे तुझको
मेहँदी हाथो में लगाएंगे
फूलो से सजायेंगे तुझको
मेहँदी हाथो में लगाएंगे

(संगीत)

माँ अम्बुआ की डाली पे
झूला भक्तो ने सजाया
चन्दन की बिछाई चौंकी
श्रदा से तुझे भुलाया

माँ अम्बुआ की डाली पे
झूला भक्तो ने सजाया
चन्दन की बिछाई चौंकी
श्रदा से तुझे भुलाया

अब छोड़ ये आँख मचोली
आजा ओ मैया भोली
हम तरस रहे है कब से
सुनने को तेरी बोली
कब दर्शन तेरा पाएंगे

सावन की रुत है आजा माँ
हम झूला तुझे झुलायेंगे
फूलो से सजायेंगे तुझको
मेहँदी हाथो में लगाएंगे
फूलो से सजायेंगे तुझको
मेहँदी हाथो में लगाएंगे

सावन की रुत है आजा माँ
हम झूला तुझे झुलायेंगे
फूलो से सजायेंगे तुझको
मेहँदी हाथो में लगाएंगे

(संगीत)

लाखो है रूप माँ तेरे
चाहे जिस रूप में आजा
नैनो की प्यास भुझा जा
बस एक झलक दिखला जा

लाखो है रूप माँ तेरे
चाहे जिस रूप में आजा
नैनो की प्यास भुझा जा
बस एक झलक दिखला जा

झूले पे तुझे बिठा के
तुझे दिल का हाल सुना के
फिर मेवे और मिश्री का
तुझे प्रेम से भोग लगा के
तेरे भवन पे छोड़ के आएंगे

सावन की रुत है आजा माँ
हम झूला तुझे झुलायेंगे
फूलो से सजायेंगे तुझको
मेहँदी हाथो में लगाएंगे
फूलो से सजायेंगे तुझको
मेहँदी हाथो में लगाएंगे

सावन की रुत है आजा माँ
हम झूला तुझे झुलायेंगे
फूलो से सजायेंगे तुझको
मेहँदी हाथो में लगाएंगे
फूलो से सजायेंगे तुझको
मेहँदी हाथो में लगाएंगे

We hope you understood bhajan Sawan Ki Rut Hai Aaja Maa lyrics in Hindi. If you have any issue regarding the lyrics of Sawan Ki Rut Hai Aaja Maa bhajan by Sonu Nigam, please contact us. Thank you.

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