अपने माँ बाप का दिल ना दुखा Apne Maa Baap Ka Tu Dil Na Dukha Lyrics

Apne Maa Baap Ka Tu Dil Na Dukha Lyrics is an Islamic song sung by Rais Anis Sabri. This song is for Mother and Father. In this song, lyricist written all the things that our parents gave to us. Music Label is Sonic Enterprise

Song – Apne Maa Baap Ka Dil Na Dukha
Singer – Rais Anis Sabri
Lyrics – Qaiser Samasti Puri
Album – Apne Maa Baap Ka Dil Na Dukha
Music Label – Sonic Enterprise

Apne Maa Baap Ka Tu Dil Na Dukha Lyrics In Hindi

अपनी जन्नत को खुदा के लिए दोज़क न बना
अपनी जन्नत को खुदा के लिए दोज़क न बना
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा – दिल ना दुखा
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा – दिल ना दुखा

मेरे मालिक मेरे रामा मेरे मौला ने कहा
मेरे मालिक मेरे रामा मेरे मौला ने कहा
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा दिल ना दुखा
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा दिल ना दुखा

(1)
बाप के प्यार से अच्छी कोई दौलत क्या है
माँ का आँचल जो सलामत है तो जन्नत क्या है
ये है राजी तो नबी राजी है खुदा
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा – दिल ना दुखा

(2)
इनकी ममता ने बहरहाल संभाला तुझको
किस कदर प्यार से मान बाप ने पाला तुझको
रहमते मौला से कुछ काम नहीं साया इनका
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा – दिल ना दुखा

(3)
जब भी देखा तो प्यार से देखा माँ ने
खूने दिल दूध की सूरत में पिलाया तुझको
तूने इस प्यार के बदले में उसे कुछ ना दिया
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा – दिल ना दुखा

(4)
हर मुसीबत से बचाया ये करम है के नहीं
बोलना तुझको सिखाया ये करम है के नहीं
कैसे पाला तुझे माँ बाप ने क्या तुझको पता
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा – दिल ना दुखा

(5)
तुझको इंसान बनाया तुझे तालीम भी दी
कभी देखी ही नहीं इनकी मोहबत में कमी
क्या दिया तूने मगर इनकी मोहब्बत का सिला
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा – दिल ना दुखा

(6)
इनकी चाहत की बदौलत है कहानी तेरी
इनकी कुर्बानी का सदका है जवानी है तेरी
अपनी आवाज को नादान तू पत्थर ना बना
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा – दिल ना दुखा

(7)
देख कर तेरी जवानी को ये मशरुर हुए
जो किये फैसले तूने इन्हे मंजूर हुए
तेरी हर बात पे माँ बाप ने लब्बैक कहा
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा – दिल ना दुखा

(8)
तेरे माँ बाप ने शादी भी रचाई तेरी
किस कदर धूम से बारात सजाई तेरी
तू मगर इनके खयालात से बेगाना रहा
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा – दिल ना दुखा

(9)
बीवी के आते ही चलने लगी नफरत की हवा
तुझको बर्बाद ना कर दे ये अदावत की हवा
यूँ गुन्हेगार ना बन खुद को गुनाहों से बचा
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा – दिल ना दुखा

(10)
बूढ़े माँ बाप को घर से जो निकाला तूने
कर लिया अपने मुकद्दर को भी काला तूने
बाज़ आ वरना खुदा भी तुझे बख्शेगा
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा – दिल ना दुखा

(12)
जिसने की तुझसे वफ़ा उनको सताने वाले
कल तेरे नाम पे थूकेंगे ज़माने वाले
तुझसे नाराज नबी है तो खुदा भी है खफा
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा – दिल ना दुखा

(13)
तेरे माँ बाप ने किस प्यार से पाला तुझको
खुद रहे भूखे दिया मुँह का निवाला तुझको
इनकी मुट्ठी में है नादाँ मुक्कद्दर तेरा
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा – दिल ना दुखा

(13)
तेरे बेटे भी कहा रोटीयाँ देंगे तुझको
ये भी तेरी ही तरह गालियाँ देंगे तुझको
तू भी साहिबे औलाद ये क्यों भूल गया
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा – दिल ना दुखा

(15)
इनसे अच्छी नहीं देखी कोई सूरत कैसर
है सरापा ये मोहब्बत ही मोहब्बत कैसर
काम आती है बुरे वक्त में इनकी ही दुआ
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा – दिल ना दुखा

अपनी जन्नत को खुदा के लिए दोज़क न बना
अपनी जन्नत को खुदा के लिए दोज़क न बना
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा – दिल ना दुखा
अपने माँ बाप का तू दिल ना दुखा – दिल ना दुखा

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